प्यार क्या है क्या परमेश्वर प्यार करता है या दंड देता है

 क्या आप   प्यार ढूंढ रहे है .?

वह प्यार आप को क्या देगा.?


क्या आप को गारंटी है कि आप को भविष्य में संतुष्टि मिलेगी आप आशा कर सकते है पर गारंटी नही दे सकते
अगर आप प्यार ढूंढ रहे है तो उसमें आप का स्वार्थ चुप हुआ होता है, श्याद इस लिए की आप के जीवन म रोमांच हो या फिर किसी बात से आप को जीवन म खुशी मिले

परंतु आप एक बात की गारंटी रख सकते को की  येशु आप से प्रेम करता वो आप को निराश हतास मानशिक तनाव में नही देखना चाहता , उसका प्रेम कभी न खत्म होने वाला प्रेम है
बाइबिल वचन हम्हे यह बताती है
13 पर अब विश्वास, आशा, प्रेम थे तीनों स्थाई है, पर इन में सब से बड़ा प्रेम है।
1 कुरिन्थियों 13:13
13 And now there remain faith, hope, and charity, these three: but the greatest of these is charity.
1 Corinthians 13:13
सब से बड़ा प्रेम होने का कारण यह ह मेरे प्रियो क्यों कि प्रेम में बाकी तीनो से इस्थिरता है आप का विश्वास कमजोर हो सकता है , आप की आशा टूट सकती है वरन परमेश्वर का प्रेम आप के लिए कभी कम नही होगा आप की आशा टूट जाएगी तो प्रभु का प्रेम आप को आशा देगा आप का विश्वास जाता  रहेगा तो परमेश्वर आप के जीवन म विश्वास को देगा सिर्फ और सिर्फ उस प्रेम के खातिर , क्यों कि जिन्होंने येशु को नही जाना है और न उन्होंने उस पर विश्वास  किया है फर भी येशु ने उस प्रेम के खातिर उन्हें चुन कर उनकी परेशानी से निकल है।।
प्रेम (सारीरिक प्रेम नही निष्कपट भाव से किया गया प्रेम) हर एक पाप को दूर करता है जैसे प्रेम एक एहसास नही है वह क्रिया है जिसे हम कर के दिखाते है जैसे अगर कोई आप को अपशब्द बोले तो आप उसे बदले में अपशब्द न कहे , कही कोई जरूरतमंद व्यक्ति आप से उधार ले और यदि उसकी इच्छा देने की हो और फर भी व न दे पाए आप उससे उम्मीद न करे,
परमेश्वर हुम् से निष्कपट प्रेम करता है और वह भी चाहता है की हम भी मनुष्य जाति को परमेश्वर का प्रेम दिखाए

बाइबिल में भी सबसे बड़ी आज्ञा प्रेम दिया गया है

1. प्रभु अपने परमेश्वर से अपने पूरे दिल से प्यार करना
2. अपने पड़ोसी को अपने समान प्यार करना

यदि आप प्यार ढूंढ रहे है
31 और जैसा तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो।
लूका 6:31
31 And as you would that men should do to you, do you also to them in like manner.
Luke 6:31
अपने पति से अपने बच्चो से अपने माता पिताओ से.
या आप अपने मित्रों से सम्मान पाने  चाहते है  तो आप
भी उनके साथ वैसा व्यवहार किजये श्याद आप सुरुआत में आप को कुछ भी ना मिले या काफी समय तक कोई रिजल्ट न मिले परंतु एक समय एस आएगा कि वे आप के प्रेम को समझने लगेंगे और  न भी समझे तो प्रभु आप कोइसक फल स्वर्ग में देगा

प्यार क्या देता है- प्यार आप को खुशी देता है, प्यार आप को स्वतंत्रता देता है, प्यार आप को साहस देता है,
प्रेम क्या नही करता
प्रेम ईर्ष्या नही रखता, प्रेम डह नही करता, प्रेम बिना स्वार्थ के होता है
आप दूसरे को बिना शर्त अपना समझ के प्रेम किजये तब आप खुद में खुशी को देखेंगे

प्रेम एक निस्वार्थ सेवा है इस बारे में क्या कहता है येशु मसीह,
जब न्याय का घड़ी आएगा तब येशु कहेंगे

35 क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं पर देशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया।
मत्ती 25:35

36 मैं नंगा था, तुम ने मुझे कपड़े पहिनाए; मैं बीमार था, तुम ने मेरी सुधि ली, मैं बन्दीगृह में था, तुम मुझ से मिलने आए।
मत्ती 25:36

37 तब धर्मी उस को उत्तर देंगे कि हे प्रभु, हम ने कब तुझे भूखा देखा और खिलाया? या प्यासा देखा, और पिलाया?
मत्ती 25:37

38 हम ने कब तुझे पर देशी देखा और अपने घर में ठहराया या नंगा देखा, और कपड़े पहिनाए?
मत्ती 25:38

39 हम ने कब तुझे बीमार या बन्दीगृह में देखा और तुझ से मिलने आए?
मत्ती 25:39

40 तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।
मत्ती 25:40

इसका बड़ा फल आप को स्वर्ग म मिलेगा और पृथ्वी पर आप आशीषित रहेंगे



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